भागलपुर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज होते कटाव ने खरीक प्रखंड के राघोपुर इलाके में ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गंगा की तेज धार लगातार जमीन को काट रही है, जिससे लोगों के सामने घर, जमीन और आशियाना बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कटाव की गंभीर स्थिति के बीच राघोपुर पंचायत के सरपंच प्रमोद मंडल ग्रामीणों की आवाज को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
सरपंच ने मुख्यमंत्री से राघोपुर पहुंचकर सड़क मार्ग से कटाव प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने की मांग की है। उनका कहना है कि महज हवाई सर्वेक्षण से जमीन पर मौजूद स्थिति की वास्तविक भयावहता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। मुख्यमंत्री यदि ग्रामीणों के बीच पहुंचकर हालात देखेंगे, तभी यह समझ पाएंगे कि गंगा किस तेजी से लोगों की जमीन और आशियाने को अपनी धारा में समेट रही है।
प्रमोद मंडल ने स्पष्ट कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं राघोपुर पहुंचकर कटाव की स्थिति का जायजा नहीं लेते, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने इसे सिर्फ व्यक्तिगत मांग नहीं, बल्कि पूरे राघोपुर के ग्रामीणों के अस्तित्व और सुरक्षा की लड़ाई बताया।
भावुक अंदाज में सरपंच ने कहा, “मुख्यमंत्री जब तक यहां नहीं आएंगे, तब तक मैं अनशन पर बैठा रहूंगा। चाहे मेरी जान ही क्यों न चली जाए, लेकिन ग्रामीणों की आवाज दबने नहीं दूंगा।”
24 घंटे कटावरोधी कार्य की मांग
सरपंच ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य को युद्धस्तर पर कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गंगा का दबाव लगातार बना हुआ है और ऐसे में कटावरोधी कार्य दिन-रात 24 घंटे चलना चाहिए। खासकर रात के समय तेज बहाव के बीच यदि बचाव कार्य प्रभावित हुआ या तैयार संरचनाएं बह गईं, तो अब तक लगाए गए संसाधन और मेहनत दोनों पर पानी फिर सकता है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठाए और कटाव प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। राघोपुर में बढ़ता कटाव अब ग्रामीणों के लिए सिर्फ जमीन का नुकसान नहीं, बल्कि उनके घर और भविष्य पर मंडराता गंभीर संकट बन चुका है।
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