पटना/नालंदा: बिहार में लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर ने अब बाढ़ का रूप लेना शुरू कर दिया है। पटना के पुनपुन और नालंदा में कई इलाकों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़कों पर पानी आने के साथ ही कई जगहों पर तटबंध और डायवर्सन भी प्रभावित हुए हैं।
पुनपुन में सड़क बही: मसौढ़ी अनुमंडल में पुनपुन और दरधा नदी उफान पर हैं। बाढ़ की पहली बड़ी मार पुनपुन-चंडासी संपर्क सड़क पर पड़ी है। करीब चार महीने पहले बनी चंडौस शिव मंदिर से बाकरचक को जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़क का करीब 50 फीट हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। इससे दो गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।
खेतों में घुसा पानी: पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान 50.60 मीटर को पार कर 52.62 मीटर तक पहुंच गया है। फहीमचक, बड़हिया कोल और लोदीपुर समेत कई निचले इलाकों के खेतों और घरों में पानी घुस गया है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। प्रशासन ने जमींदारी बांधों पर चौकीदार तैनात कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं।
नालंदा में भी हालात गंभीर: अस्थावां के ओंदा गांव में गोनर खंधा के पास जमींदारी बांध में कटाव हुआ है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत में जुटी है। वहीं बिहार शरीफ के कोसुक गांव में पंचाने नदी का जलस्तर बढ़ने से झील निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम रोकना पड़ा है।
डायवर्सन डूबा, संपर्क प्रभावित: मानपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में सकरी नदी पर बना डायवर्सन पानी में पूरी तरह डूब गया है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बनाया गया यह डायवर्सन डूबने से बिहार शरीफ और आसपास के इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। करीब चार किलोमीटर का रास्ता अब 40 किलोमीटर घूमकर तय करना पड़ रहा है।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और कटाव वाले स्थानों पर बालू की बोरियां समेत जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।






