मोतिहारी/पूर्वी चंपारण: बांकीपुर चुनाव जीतने के बाद विधायक प्रशांत किशोर बुधवार को मोतिहारी पहुंचे, जहां उन्होंने जनसुराज से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद प्रशांत किशोर मीडिया से मुखातिब हुए और आरक्षण, देश की GDP ग्रोथ रेट, बेरोजगारी तथा बिहार में चीनी मिलों के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
आरक्षण के मुद्दे पर जारी राजनीतिक घमासान को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि संविधान द्वारा लोगों को दिया गया आरक्षण का अधिकार यथावत बरकरार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाना चाहिए और संविधान ने जो अधिकार दिया है, उसे उसी स्वरूप में बनाए रखने की जरूरत है।
देश की GDP ग्रोथ रेट को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत और भारत के बाहर के अर्थशास्त्रियों की GDP को लेकर अलग-अलग राय है। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर देश की आर्थिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। आज बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हैं और आम लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार विकास और आर्थिक प्रगति को लेकर अलग-अलग दावे कर रही है।
वहीं बिहार में 10 चीनी मिल खोलने की पहल को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह खुशी की बात है कि अब बिहार में विकास, चीनी मिल और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जनसुराज के प्रभाव और लगातार दबाव के कारण सरकार के नेता भी अब इन मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में चीनी मिलों की जमीन से जुड़ा मामला गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन चीनी मिलों की जमीनों को बेचने और खरीदने का काम हुआ, उसमें भाजपा से जुड़े विधायक, सांसद, मंत्री और पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सरकार नई चीनी मिलें खोलने की बात कर रही है, तब पुरानी चीनी मिलों की जमीन और उनके बंद होने के कारणों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
मोतिहारी दौरे के दौरान प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने की अपील की।






