सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बुधवार को कर्पूरी छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में चल रहे कार्यों में कई स्तर पर कमियां और अनियमितताएं सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित संवेदक को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने संवेदक को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर छात्रावास में पाई गई सभी कमियों को दूर कर कार्यों की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। कार्यों में अनियमितता पाए जाने को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संवेदक के भुगतान पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रावास का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक पाए जाने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों से भी सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि छात्रावास से जुड़ी कई शिकायतें विद्यार्थियों की ओर से पूर्व में भी कल्याण पदाधिकारी के समक्ष की गई थीं। इसके बाद डीएम ने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत की जा चुकी है। इसके माध्यम से छात्र अपनी शैक्षणिक, छात्रावास एवं अन्य समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान करने का लक्ष्य रखा गया है।
डीएम ने कहा कि जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। छात्रावासों की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को भी नियमित रूप से छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर रखने का निर्देश दिया।








