पटना: साइबर अपराध के खिलाफ पटना साइबर थाने की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार बालिग और एक विधि विरुद्ध बालक शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों में एक युवती भी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फाइनेंस कंपनी के नाम से आकर्षक विज्ञापन डालकर लोगों को लोन का झांसा देते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी और सिविल स्कोर बढ़ाने के नाम पर पीड़ितों से अलग-अलग रकम जमा कराई जाती थी। पैसे लेने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे।
जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा महाराष्ट्र समेत कई राज्यों तक फैला था। गिरोह के सदस्यों को अलग-अलग राज्यों की भाषा और स्थानीय बोलचाल के तरीके में बातचीत करने की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके जरिए वे संभावित पीड़ितों का भरोसा जीतकर ठगी करते थे।
साइबर डीएसपी देव आशीष हंस के अनुसार, आरोपी पिछले कई दिनों से राजा बाजार स्थित पिलर नंबर 12 के पास किराए के मकान में रहकर साइबर ठगी कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, छह पासबुक, दो राउटर और करीब 55 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। मोबाइल की जांच में अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतों और एनसीआरपी से जुड़े सुराग मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ठगी की रकम पर कमीशन के आधार पर काम करते थे। गिरोह के अन्य सदस्य उन्हें फर्जी फाइनेंस ऑफर समझाने और रकम अलग-अलग खातों में मंगाने की ट्रेनिंग देते थे।
गिरफ्तार सभी आरोपी नालंदा और शेखपुरा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस को गिरोह में कई अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। सब इंस्पेक्टर शबनम कुमारी की अहम भूमिका से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। सभी बालिग आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और देशभर में की गई ठगी की घटनाओं की जांच कर रही है।








