मुंगेर: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को सफल बनाने के लिए मुंगेर की जीविका दीदियां दिन-रात मेहनत कर रही हैं। जिले के सभी नौ प्रखंडों के लिए 36 हजार से अधिक तिरंगा झंडे तैयार किए गए हैं। खास बात यह है कि इन तिरंगों के निर्माण की जिम्मेदारी जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं ने संभाली है।
हवेली खड़गपुर के प्रसंडो स्थित डीडीएलसीसी मुख्य यूनिट में 60 जीविका दीदियों ने महज दो दिनों में 36 हजार तिरंगे तैयार किए। महिलाओं ने कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों को व्यवस्थित करने, अशोक चक्र लगाने और अंतिम फिनिशिंग तक का काम खुद संभाला। कम समय में बड़ी संख्या में झंडे तैयार करने के लिए महिलाओं ने टीम बनाकर काम किया।
प्रखंड परियोजना प्रबंधक अंजू कुमारी के मुताबिक, प्रत्येक तिरंगा तैयार करने में करीब 20 से 22 रुपये का खर्च आया, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 25 रुपये प्रति झंडा रखा गया है। इससे मिलने वाले मुनाफे का इस्तेमाल स्टिचिंग यूनिट को मजबूत करने में किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में जीविका दीदियों को और अधिक काम मिलने की उम्मीद है।
इस स्टिचिंग यूनिट की शुरुआत 57 आधुनिक सिलाई मशीनों के साथ हुई थी। यहां 60 महिलाओं को करीब छह महीने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने एससी-एसटी स्कूलों के बच्चों के लिए ड्रेस तैयार किए। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए करीब 1.50 लाख ड्रेस का बड़ा ऑर्डर भी पूरा किया गया।
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अमित कुमार ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा अभियान’ में जीविका दीदियों की भागीदारी पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने तिरंगा निर्माण के जरिए देश के प्रति सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण, दोनों का संदेश दिया है।
15 अगस्त को जब मुंगेर के घरों और संस्थानों पर तिरंगा लहराएगा, तो उसके पीछे इन ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी भी नजर आएगी।





