जामताड़ा: रांची में जेएसएससी, जेपीएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को भाजपा के आह्वान पर झारखंड बंद का असर जामताड़ा में भी देखने को मिला। सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता बाजारों में घूमते नजर आए और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। इसके बाद शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे और सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कम चहल-पहल दिखाई दी।
जामताड़ा में बंद को सफल बनाने की कमान भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने संभाली। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर दुकानदारों से बंद में सहयोग करने की अपील की। भाजपा नेताओं के मुताबिक, कई दुकानदारों ने छात्रों के समर्थन में स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं।
नौकरी में धांधली का आरोप
भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि गरीब और मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा वर्षों तक मेहनत कर सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने कहा कि राज्य के लाखों युवा रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। परीक्षा समय पर नहीं होने और प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
भाजपा नेता माधव चंद्र महतो ने भी परीक्षा संचालन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को पहले ब्लैकलिस्ट किए जाने की बात सामने आई थी, उसी को परीक्षा का जिम्मा दिया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण छात्रों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि जामताड़ा में बंद शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पार्टी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच तथा परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की।
संवाददाता — संतोष कुमार, जामताड़ा






