झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में पिछले 18 दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए। इसी दौरान प्रदर्शन स्थल से सामने आया एक अनोखा पोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
एक छात्र के हाथ में नजर आए पोस्टर पर लिखा था- ‘गर्लफ्रेंड के पापा नहीं मान रहे हैं, नौकरी दे दो…’। आंदोलन के बीच इस मजेदार अंदाज वाले पोस्टर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जहां छात्र भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं, वहीं इस पोस्टर ने गंभीर आंदोलन के बीच माहौल को कुछ हल्का कर दिया।
बताया गया कि सोमवार सुबह करीब 9 बजे हजारों छात्र विधानसभा घेराव के लिए निकले। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारी आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी पुलिस के सुरक्षा घेरे को पार करते हुए नए विधानसभा भवन से करीब 200 मीटर दूर तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प की भी सूचना है। पथराव और लाठीचार्ज के दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगी, जबकि कई अन्य छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है।
हंगामे के बीच जेएलकेएम विधायक जयराम महतो भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की। इसके बाद कुछ छात्र सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में छात्र छोटे-छोटे समूहों में बंटकर विधायक आवास की ओर बढ़ने लगे। प्रशासन की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।





