बोकारो से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पोस्टर को जलाए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और झामुमो नेताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि बोकारो के कैंप-2 स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन के सामने चौक पर विश्व आदिवासी दिवस को लेकर शिबू सोरेन का पोस्टर लगाया गया था। इसी पोस्टर को कथित तौर पर असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही झामुमो जिलाध्यक्ष रतनलाल मांझी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
झामुमो नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे आपसी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया। नेताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी डीएसपी राजीव रंजन और बीएस सिटी थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से एक अन्य पोस्टर भी जब्त किया है, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
मामले को लेकर बीएस सिटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्टर को किसने जलाया और इस घटना के पीछे क्या वजह थी।
विश्व आदिवासी दिवस से ठीक पहले हुई इस घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। झामुमो नेताओं का कहना है कि ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।







