बिहार बंद के आह्वान के दौरान शनिवार को सिवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया। विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ती गई और सभी गांधी मैदान की ओर बढ़ने लगे, जहां पहले से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। छात्र लगातार सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच पहले तीखी बहस हुई, जिसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव शुरू होने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पथराव बढ़ने के साथ ही आसपास की दुकानों ने एहतियातन अपने शटर बंद कर दिए। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें एक युवक को गोली लगी। घायल युवक ने दावा किया, “पुलिस की ओर से फायरिंग की गई। मुझे गोली लगी है।” हालांकि पुलिस की ओर से इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में एक युवक को कथित रूप से आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तार भी किया गया है।
उधर, NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद छात्रों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बिहार बंद का असर राज्य के कई जिलों में दिखाई दिया, हालांकि कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गया।






