भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने लोकसभा में तारांकित प्रश्न संख्या-48 के माध्यम से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से भागलपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (DCDRC) की कार्यप्रणाली, रिक्त पदों तथा लंबित मामलों के निपटारे की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि आयोग में अध्यक्ष का पद भरा हुआ है, जबकि सदस्यों के कुछ पद रिक्त हैं। इसके बावजूद आयोग का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मुंगेर जिला उपभोक्ता आयोग के एक सदस्य को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से 2025 के बीच भागलपुर जिला उपभोक्ता आयोग में कुल 269 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं इसी अवधि में 362 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि आयोग केवल नए मामलों का ही नहीं, बल्कि पुराने लंबित मामलों का भी तेजी से निष्पादन कर रहा है। इससे उपभोक्ताओं को समयबद्ध न्याय मिलने की दिशा में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है।
केंद्र सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 1 जनवरी 2025 से ई-जागृति (e-Jagriti) पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अब उपभोक्ता अपने घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोग की सुनवाई में भी शामिल हो सकते हैं। इससे उपभोक्ता विवादों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बन गई है।
मंत्रालय के अनुसार बिहार में उपभोक्ता मामलों के निपटारे की दर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2024 में जहां निपटारा दर 95.97 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2025 में यह बढ़कर 100.43 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो राज्य में उपभोक्ता न्याय प्रणाली की बेहतर कार्यक्षमता को दर्शाती है।
सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि भागलपुर के लोगों को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपभोक्ता आयोगों को और अधिक मजबूत बनाने तथा रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को न्याय के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।





