बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को पटना जिले के साम्यागढ़ थाना परिसर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। निगरानी की टीम आरोपी थानाध्यक्ष को अपने साथ लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-085/26 दिनांक 17 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। प्रहलादपुर निवासी मनोज कुमार ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि साम्यागढ़ थानाध्यक्ष उनके क्षेत्र में जेसीबी मशीन चलाने के एवज में साप्ताहिक रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें शिकायतकर्ता के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
जांच पूरी होने के बाद वरीय पुलिस उपाधीक्षक अरुणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और सोमवार को थाना परिसर में ही कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। मौके से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर जब्त कर ली गई।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 85वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि ट्रैप कार्रवाई का यह 79वां मामला है। इस वर्ष अब तक ट्रैप मामलों में कुल 79 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 29 लाख 14 हजार 800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।
ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और रिश्वतखोरी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






