विकास के तमाम दावों के बीच सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड की बिहरा पंचायत स्थित लोकही गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है। गांव की मुख्य सड़क वर्षों से अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दशक बीत जाने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, जबकि इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना होता है।
बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जगह-जगह कीचड़ और जलजमाव के कारण सड़क पूरी तरह चलने लायक नहीं रह जाती। ऐसे में स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है, वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हो जाती है, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका आरोप है कि चुनाव के समय सड़क निर्माण के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही ये वादे भी अधूरे रह जाते हैं।
युवा समाजसेवी मोहम्मद शमसेर ने बताया कि समस्या केवल लोकही गांव तक सीमित नहीं है। बिहरा पंचायत की कई अन्य सड़कें भी वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जिससे हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि इन सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए ताकि ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि अच्छी सड़क किसी भी गांव के विकास की पहली शर्त होती है और लोकही गांव के लोगों को भी इसका अधिकार मिलना चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कब होगा।
संवाददाता: इन्द्रदेव, सहरसा






