सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत के वार्ड संख्या 7/8 में सार्वजनिक स्थानों पर लगी सोलर लाइट हटाए जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों ने पंचायत सचिव और वार्ड सदस्य पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा सोलर लाइट लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वार्ड संख्या 7/8 में आम लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए सोलर लाइट को पंचायत सचिव द्वारा नवहट्टा पुलिस की मौजूदगी में पोल से उतरवा लिया गया। उनका कहना है कि इन लाइटों को सार्वजनिक स्थलों से हटाकर कुछ चुनिंदा लोगों के दरवाजे और आंगन में लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम लोगों के अधिकारों की अनदेखी की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक सोलर लाइट लगने से रात के समय पूरे मोहल्ले में पर्याप्त रोशनी रहती थी। इससे राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आवागमन में सुविधा मिलती थी। लेकिन लाइट हटने के बाद इलाके में अंधेरा छा गया है, जिससे लोगों को रात में आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
वार्डवासियों का आरोप है कि सार्वजनिक संपत्ति को हटाने का निर्णय बिना किसी जनसहमति और सूचना के लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का स्थान परिवर्तन आवश्यक था तो पहले ग्रामसभा या स्थानीय लोगों से राय ली जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोलर लाइट हटाने के पीछे क्या कारण थे और क्या प्रक्रिया का पालन किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सार्वजनिक स्थानों पर फिर से सोलर लाइट नहीं लगाई जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।






