बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सहरसा में मध्य निषेध विभाग को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए पुराने बस स्टैंड के समीप रेलवे पटरी के पास मिट्टी के ढेर में छिपाकर रखी गई 123 लीटर अवैध शराब बरामद की। इस कार्रवाई के दौरान दो शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है, जबकि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
जानकारी के अनुसार, मध्य निषेध विभाग को सूचना मिली थी कि पुराने बस स्टैंड के नजदीक रेलवे लाइन के पास भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
तलाशी के दौरान टीम की नजर मिट्टी के एक संदिग्ध ढेर पर पड़ी। जब अधिकारियों ने उसकी खुदाई कराई तो भीतर से अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखी गई कुल 123 लीटर अवैध शराब बरामद हुई। विभाग ने मौके पर ही शराब को जब्त कर लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में उनके शराब तस्करी से जुड़े होने की पुष्टि होने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी जुटाई जा रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसे जिले के किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
मध्य निषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी







