भागलपुर टाउन हॉल में आयोजित अंग शिखर सम्मेलन में अंग प्रदेश के समग्र विकास को लेकर विशेषज्ञों ने एक साझा विजन प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग, पर्यटन, पर्यावरण, इतिहास, खेल, साहित्य और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही अंग प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
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सम्मेलन में खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन मौलाना सैयद शाह फखरे आलम हसन ने प्रेम, भाईचारा, सहिष्णुता और सामाजिक एकता को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब समाज में आपसी विश्वास और सौहार्द मजबूत होगा।
वहीं प्रसिद्ध आर्थोपेडिक एवं माइक्रोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. इम्तियाजुर रहमान ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने भागलपुर को मेडिकल हब के रूप में विकसित करने और यहां मेडिकल रिसर्च ज़ोन स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिले।
सम्मेलन में शिक्षा, कृषि, उद्योग, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन, पर्यटन स्थलों का विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के जरिए अंग प्रदेश आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बन सकता है।
डॉ. रविशंकर कुमार चौधरी, विधु शेखर पांडे, डॉ. पवन पोद्दार, डॉ. आर.के. सोहाने, गौतम सरकार और आलोक अग्रवाल सहित कई विशेषज्ञों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझाव दिए। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र के विकास के लिए दीर्घकालिक योजना और सभी पक्षों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. देवज्योति मुखर्जी ने किया। सम्मेलन के अंत में उपस्थित सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने अंग प्रदेश को नई पहचान दिलाने, समावेशी विकास को गति देने और क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का सामूहिक संकल्प लिया।






