भागलपुर पुलिस ने मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डकैती कांड का सफल उद्भेदन करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में कुल सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वे आरोपी भी शामिल हैं, जो वारदात को अंजाम देने के बाद पश्चिम बंगाल के तारापीठ में जाकर छिप गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई छापेमारी के बाद सभी आरोपियों को दबोच लिया।
जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई 2026 की रात मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के गणेशीबाग निवासी नीलू देवी, पति रविशंकर रजक के घर हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने धावा बोल दिया था। अपराधियों ने परिवार को हथियार के बल पर बंधक बनाकर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात, नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लूट लिए थे। घटना के बाद पीड़िता के बयान पर मधुसूदनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक-2 के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने सूरज साह, संतोष कुमार साह, मिथुन कुमार मंडल, बृजेंद्र कुमार, सज्जन कुमार, अर्जुन कुमार और अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से पुलिस ने करीब 52 ग्राम सोने के आभूषण, एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, 53 हजार रुपये नकद और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद कुछ आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के तारापीठ भाग गए थे, लेकिन विशेष टीम ने वहां भी छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर भागलपुर ले आई।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और इस तरह की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।






