बाँस के सहारे जल रही बिजली, पूर्वी चंपारण के विजयी पंचायत में आज भी अधूरी है बुनियादी सुविधा

पूर्वी चंपारण जिले के ढाका विधानसभा क्षेत्र के घोड़ासहन प्रखंड अंतर्गत विजयी पंचायत में बिजली व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। सरकार की ओर से हर घर बिजली पहुंचाने के दावों के बीच पंचायत के कई वार्डों में आज भी बिजली के स्थायी पोल नहीं लगाए गए हैं। मजबूरी में ग्रामीण वर्षों से बाँस और स्वयं लगाए गए सीमेंट के खंभों के सहारे बिजली का उपयोग कर रहे हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।

 

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ढाका के विधायक फ़ैसल रहमान ने हाल ही में बिजली विभाग की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें वार्ड संख्या-2 और 3 की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। कई घरों तक 400 से 500 मीटर लंबी बिजली लाइन बाँस के सहारे खींची गई है, जो सुरक्षा मानकों के बिल्कुल विपरीत है।

 

ग्रामीण जावेद ने बताया कि पंचायत के कई टोले वर्षों से इसी तरह बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं ईसर देवी ने कहा कि नियमित बिजली बिल जमा करने के बावजूद उनके इलाके में आज तक सरकारी पोल नहीं लगाए गए। कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

 

गांव के मुखिया रामलखन ने बताया कि यह दलित बस्ती है, जहां अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि अंधेरे से बचने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर बिजली का सहारा लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर कुछ स्थानों पर सीमेंट के खंभे लगाए, लेकिन पूरी व्यवस्था अब भी असुरक्षित बनी हुई है।

 

हाल ही में वार्ड संख्या-2 में एक बच्चा खुले बिजली तार की चपेट में आ गया था। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद होने से उसकी जान बच गई, लेकिन घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।

 

विधायक फ़ैसल रहमान ने कहा कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को आवेदन दिया है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने सरकार और बिजली विभाग से जल्द सुरक्षित बिजली पोल और लाइन लगाने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था दुरुस्त हो सके।

 

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