बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित ओझौल गांव में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। पटना सिविल कोर्ट में तैनात सब-इंस्पेक्टर मो. मोबिन को एक बदमाश ने गोली मार दी। गोली लगने से दारोगा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़कर फरसा से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
घायल दारोगा मो. मोबिन अपने गांव ओझौल छुट्टी पर आए हुए थे। बताया जाता है कि शुक्रवार सुबह गांव में मुहर्रम की लाइटिंग को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि गांव का ही सुनील सहनी पिस्टल लेकर पहुंचा और लाइटिंग पर फायरिंग कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे दारोगा मो. मोबिन पर सुनील ने गोली चला दी, जो उनके पेट में लगी।
गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने भाग रहे सुनील सहनी को पकड़ लिया। पहले उसकी जमकर पिटाई की गई, फिर फरसा से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा और खून से सना फरसा बरामद किया है। हालांकि आरोपी की पिस्टल घटनास्थल से गायब है, जिसे लेकर जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, सुनील सहनी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह अपनी पत्नी को गोली मारने समेत कई मामलों में फरार चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि उसके आतंक के कारण लोग उसके खिलाफ बोलने से डरते थे।
घटना की सूचना मिलते ही दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। घायल दारोगा का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
संवाददाता : रोशन आनंद





