पहली बारिश में डूबी सहरसा की सड़कें: राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज झा के घर तक पहुंचा जलजमाव, वार्ड पार्षद ने नगर निगम की कार्यशैली पर उठाए सवाल

मानसून की पहली बारिश ने ही सहरसा नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या सामने आई है, जिनमें वार्ड संख्या-31 की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। इसी वार्ड में राज्यसभा सांसद प्रोफेसर मनोज झा का पैतृक आवास भी स्थित है, जहां तक बारिश का पानी भर गया।

 

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शुक्रवार को जब सांसद प्रो. मनोज झा अपने आवास पहुंचे तो उन्होंने जलनिकासी की गंभीर समस्या को देखते हुए वार्ड पार्षद आशीष रंजन को मौके पर बुलाकर पूरी स्थिति की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने भी जलजमाव से हो रही परेशानियों को सांसद के सामने रखा।

 

वार्ड पार्षद आशीष रंजन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने वार्ड की गलियों की नालियों की सफाई पहले ही करवा दी थी। लेकिन यह नालियां जिस मुख्य नाले से जुड़ती हैं, उसकी सफाई नगर निगम के गठन के बाद से अब तक नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

पार्षद ने आरोप लगाया कि जब भी नए नगर आयुक्त पदभार ग्रहण करते हैं, उन्हें इस समस्या से अवगत कराया जाता है। हर बार जल्द समाधान का आश्वासन मिलता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था, जहां 15 से 20 दिनों में सफाई कराने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि तीन से चार महीने बीत जाने के बावजूद मुख्य नाले की सफाई नहीं हो सकी।

 

आशीष रंजन ने यह भी दावा किया कि नगर निगम ने एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तीन आधुनिक मशीनें खरीदी हैं, लेकिन ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं होने के कारण वे बेकार पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते मुख्य नाले की सफाई नहीं हुई तो मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या और गंभीर हो सकती है।

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