पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल अंतर्गत मंगरा–बरवाडीह रेलखंड में चल रहे नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन रेलखंड की सभी यात्री ट्रेनों का परिचालन कई दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे आम यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। रेल सेवा ठप होने का असर न केवल यात्रियों पर बल्कि रेलवे पर निर्भर स्थानीय बाजार, छोटे व्यवसायियों और दैनिक यात्रियों के जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
मोहम्मदगंज, हैदरनगर, जापला, कुटमु, डेहरी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग प्रतिदिन शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए रेल सेवा पर निर्भर रहते हैं। ट्रेनों के अचानक बंद हो जाने से लोगों को निजी वाहनों और बसों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रा खर्च बढ़ गया है और समय की भी भारी बर्बादी हो रही है।
सबसे अधिक प्रभाव मोहम्मदगंज बाजार पर देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में रेलवे स्टेशन और बाजार में यात्रियों की अच्छी आवाजाही रहती थी, लेकिन ट्रेनों के बंद होने से बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बिक्री में भारी गिरावट आई है, जिससे छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि एनआई कार्य के दौरान मालगाड़ियों का परिचालन लगभग सामान्य रूप से जारी है, जबकि यात्री ट्रेनों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि यदि मंगरा–बरवाडीह रेलखंड में कार्य चल रहा है तो कम से कम डाल्टनगंज तक पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन कराया जा सकता है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं क्षेत्र के लोगों ने पलामू सांसद बी.डी. राम, स्थानीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर यात्रियों की समस्या का समाधान कराने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जा सकता है। यात्रियों का कहना है कि रेल सेवा इस क्षेत्र की लाइफ लाइन है और इसके बंद होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
संवाददाता : सत्यम शुक्ला, पलामू (झारखंड)








