सहरसा: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को सहरसा सिविल कोर्ट परिसर में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोर्ट भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है। इसके साथ ही कार्य करने की क्षमता, एकाग्रता और मानसिक संतुलन में भी वृद्धि होती है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने की एक प्रभावी पद्धति है।
कार्यक्रम में मौजूद योग गुरु मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद आज योग पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग अब लोगों के मन और जीवन दोनों तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पहले यदि नियमित रूप से योग किया जाए तो व्यक्ति अधिक ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकता है। योग तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया गया।






