बिहार में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के 4,128 पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज के जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने से छात्रों का सफर किसी परीक्षा से कम नहीं रह गया है। इसके साथ ही रेलवे और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अभ्यर्थियों ने बताया कि कई छात्रों का सेंटर उनके गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर दिया गया है। खगड़िया के परीक्षार्थियों को सीतामढ़ी, जबकि जमुई के झाझा से छात्रों को सुपौल तक परीक्षा देने जाना पड़ रहा है। कई रूटों पर सीधी ट्रेन या बस सेवा उपलब्ध नहीं होने से छात्रों को कई बार ट्रेन और वाहन बदलकर सफर तय करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी के बीच रेलवे स्टेशनों पर घंटों इंतजार, ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ और लंबी यात्रा ने अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर महिला अभ्यर्थियों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी पाली की परीक्षा देने वाले कई अभ्यर्थियों को रात रेलवे स्टेशन या अन्य स्थानों पर बितानी पड़ रही है।
हालांकि समस्तीपुर रेल मंडल ने 12 परीक्षा विशेष ट्रेनों के संचालन का दावा किया है और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की बात कही है, लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों की परेशानियां कम होती नहीं दिख रही हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि भविष्य में परीक्षा केंद्र आवंटन करते समय दूरी और यातायात सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
संवाददाता : इंद्रदेव जी





