धनबाद। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को धनबाद परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को गिनाते हुए झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास के लिए लगातार संसाधन और योजनाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन राज्य सरकार उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल साबित हो रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना झारखंड में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास विकास को लेकर कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है और इसका खामियाजा झारखंड की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड विकास के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पिछड़ता जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। छात्रवृत्ति योजनाओं, विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार तथा विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
झारखंड सरकार द्वारा केंद्र से 1.36 लाख करोड़ रुपये की मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है और लगातार सहयोग कर रही है।
NEET पेपर लीक मामले पर अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र सरकार इस प्रकरण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है तथा सीबीआई जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही परीक्षार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।
धनबाद में आयोजित इस प्रेस वार्ता में अन्नपूर्णा देवी ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए झारखंड सरकार की कार्यशैली, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए तथा केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
संवाददाता : चंदन सिंह, धनबाद






