बिहार के बक्सर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है। डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-18 में लगा 132 फीट ऊंचा मोबाइल टॉवर रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इतना ही नहीं, टॉवर परिसर में रखा 15 केवी का जेनरेटर सेट और अन्य तकनीकी उपकरण भी अपने स्थान से गायब पाए गए हैं।
मामला तब उजागर हुआ जब वर्षों से बंद पड़े मोबाइल टॉवर की मरम्मत के लिए जीटीएल कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि जहां कभी विशाल मोबाइल टॉवर खड़ा था, वहां अब उसका कोई निशान तक नहीं बचा है। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने डुमरांव थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए टॉवर और उससे जुड़े उपकरणों की चोरी की सूचना दी।
इस संबंध में जमीन मालिक हरेनाथ यादव ने बताया कि वर्ष 2010 में कंपनी के साथ टॉवर लगाने के लिए 12 वर्षों का एकरारनामा हुआ था, जिसकी अवधि वर्ष 2022 में समाप्त हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुबंध समाप्त होने के बाद कंपनी की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया। भुगतान को लेकर उन्होंने कंपनी को चार बार नोटिस भी भेजा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब उन्हें जानकारी मिली है कि टॉवर और उससे जुड़े सभी उपकरण गायब हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह टॉवर पिछले करीब 15 वर्षों से इलाके में स्थापित था। पिछले 15 से 20 दिनों से लोगों ने टॉवर को नहीं देखा, लेकिन अधिकांश लोगों ने समझा कि कंपनी ने उसे हटवा लिया होगा। अब चोरी की बात सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस जांच में जुट गई है। जमीन मालिक समेत अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।






