मुंगेर। बिहार का मुंगेर जिला अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहां स्थित एक विशाल बरगद का पेड़ वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मुंगेर स्थित आईटीसी (इंडियन टोबैको कंपनी) परिसर में मौजूद यह बरगद का पेड़ वर्तमान में दुनिया का सबसे पुराना सटीक रूप से डेटेड वटवृक्ष माना गया है।
वैज्ञानिक शोध के अनुसार इस बरगद की उम्र लगभग 700 वर्ष है। इसकी पुष्टि रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक के माध्यम से की गई है। वर्ष 2022 में लखनऊ स्थित बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी) के वैज्ञानिकों डॉ. त्रिना बोस और अवनीश मिश्रा के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया।
इस बरगद की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल स्वरूप है। यह किसी एक पेड़ की तरह नहीं, बल्कि एक छोटे जंगल जैसा दिखाई देता है। मुख्य तने से निकली सैकड़ों जटाएं समय के साथ जमीन में जड़ पकड़कर नए तनों में बदल चुकी हैं। यही कारण है कि यह पेड़ दूर से देखने पर घने वन का आभास कराता है।
इतिहासकारों और स्थानीय लोगों के अनुसार यह बरगद सदियों से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। राजा-महाराजाओं से लेकर आम लोगों तक, सभी के लिए यह एक महत्वपूर्ण सभा स्थल के रूप में उपयोग होता रहा है। इसकी छांव में कई पीढ़ियां बीत चुकी हैं और यह आज भी मजबूती से खड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पेड़ केवल एक प्राकृतिक संरचना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जैविक विरासत, पर्यावरणीय संतुलन और दीर्घायु प्राकृतिक संपदा का जीवंत प्रतीक है। मुंगेर का यह ऐतिहासिक बरगद आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा और गौरव का स्रोत बना रहेगा।








