बिहार सरकार ने राज्य के प्रमुख नेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। गृह विभाग की ताजा समीक्षा के बाद कई दिग्गज नेताओं की सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव किया गया है। यह निर्णय राज्य सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट और खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया।
सबसे अहम बदलाव को लेकर हुआ है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है, जिससे उनका सुरक्षा घेरा पहले की तुलना में और मजबूत हो गया है। इसके अलावा जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री की सुरक्षा भी अपग्रेड करते हुए ‘Y+’ श्रेणी में कर दी गई है।
वहीं दूसरी ओर, पूर्व उपमुख्यमंत्री की सुरक्षा में कटौती की गई है। उनकी सुरक्षा श्रेणी को ‘Z+’ से घटाकर अब ‘Z’ कर दिया गया है। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे फिलहाल न तो सरकार में मंत्री हैं और न ही उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं।
सुरक्षा समीक्षा के दौरान मौजूदा डिप्टी सीएम और की सुरक्षा बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। अब इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी, जिससे उनका सुरक्षा कवर पहले से अधिक मजबूत होगा।
गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा बदलाव किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि नियमित सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। विशेषज्ञों ने संभावित खतरों और सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट का गहन विश्लेषण किया, जिसके आधार पर कुछ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई, जबकि कुछ के सुरक्षा घेरे में कमी की गई।
सरकार का कहना है कि VIP सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से जोखिम मूल्यांकन पर आधारित होती है और समय-समय पर इसमें बदलाव आवश्यक होता है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी और संतुलित बनी रहे।
