पटना: बिहार में पिछले करीब दो महीनों से चल रही राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने आम जनजीवन पर पड़ रहे असर और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी राजस्व कर्मचारी 4 मई 2026 से अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर लौटकर काम संभालेंगे।

संयुक्त मोर्चा के महासचिव रजनीश कांत ने बताया कि संगठन ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए यह कदम उठाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार राजस्व सेवा संवर्ग को मजबूत और व्यवस्थित बनाने के लिए जल्द ठोस पहल करेगी। साथ ही 5 मार्च 2026 को सौंपे गए 11 सूत्री मांग पत्र पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

महासंघ की प्रमुख मांगों में भूमि सुधार उप समाहर्ता के पद को पूर्ण रूप से राजस्व विभाग के प्रशासनिक और कार्यात्मक नियंत्रण में लाना शामिल है। इसके अलावा सेवा संवर्ग के अंतर्गत अधिसूचित सभी पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारियों की नियमित नियुक्ति सुनिश्चित करने या उन्हें प्रभार देने की मांग भी दोहराई गई है। संगठन का मानना है कि इन कदमों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और मजबूत बनेगी।

संयुक्त मोर्चा के महामंत्री जितेंद्र पांडेय ने कहा कि सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद है, जिससे न केवल प्रशासनिक ढांचा सुदृढ़ होगा बल्कि आम जनता को भी सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन संवाद और सहयोग के जरिए समाधान चाहता है।

हालांकि, महासंघ ने सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि के भीतर मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है, तो कर्मचारी फिर से लोकतांत्रिक तरीके से हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

यह निर्णय विभागीय सचिव के साथ हुई वार्ता के बाद लिया गया है। फिलहाल हड़ताल टलने से प्रशासनिक कामकाज के पटरी पर लौटने और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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