बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार दोपहर आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। शहर के कई इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
विकास भवन स्थित सचिवालय परिसर में करीब 55 साल पुराना विशाल पेड़ गिरने से चार चारपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं पटना हाईकोर्ट, वीरचंद पटेल पथ, गर्दनीबाग, छज्जूबाग और शेखपुरा मोड़ जैसे इलाकों में भी कई पेड़ गिरने से सड़कें ब्लॉक हो गईं। जल भवन के पास गिरे एक बड़े पेड़ की चपेट में दो गाड़ियां और दो दुकानें आ गईं। मौके पर पुलिस और राहत दल यातायात बहाल करने में जुटे रहे।
आंधी के दौरान होटल अशोका के पास निर्माणाधीन स्ट्रक्चर भी ढह गया। छज्जूबाग इलाके में आम के पेड़ गिरने के बाद लोग सड़क पर आम बटोरते नजर आए। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जगहों पर रूट डायवर्ट करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में अचानक बदलाव हुआ। विभाग ने बताया कि 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। अगले 24 घंटे में दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में तेज हवा, मेघगर्जन और बारिश की संभावना जताई गई है।
पटना के अलावा गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद, अरवल, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और लखीसराय जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफान ने शहर की व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। प्रशासन अब नुकसान के आकलन और राहत कार्य में जुटा हुआ है।
