बिहार के जमुई जिले में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी क्लर्क रूपेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एक एएनएम की 11 महीने से लंबित सैलरी जारी कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी.

जानकारी के मुताबिक पीड़ित एएनएम राजनंदनी ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि फरवरी 2025 से लगातार उनसे पैसे मांगे जा रहे थे. आरोप है कि क्लर्क रूपेश कुमार ने वेतन भुगतान कराने के बदले एक महीने की सैलरी रिश्वत के तौर पर मांगी थी. बार-बार हो रही मांग और वेतन नहीं मिलने से परेशान होकर राजनंदनी ने आखिरकार निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया.

पीड़िता ने बताया कि रिश्वत की रकम जुटाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी. इसके बाद 23 मार्च को उन्होंने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई. निगरानी विभाग ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए.

इसके बाद विभाग की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की. शुक्रवार को जैसे ही क्लर्क रूपेश कुमार ने 37 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है.

एएनएम राजनंदनी ने यह भी आरोप लगाया कि सोनो पीएचसी में लंबे समय से रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था. उन्होंने दावा किया कि पूर्व में भी कई कर्मियों से पैसे लिए गए, लेकिन डर की वजह से किसी ने शिकायत नहीं की. उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी अधिकारी के सामने ही रिश्वत की मांग होती थी.

मामले पर निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने कहा कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई गई थी. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी क्लर्क को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया.

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