अररिया: बिहार के अररिया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने नरपतगंज अंचल कार्यालय में तैनात निलंबित राजस्व कर्मचारी मो. इम्तियाज आलम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जांच में पूरी तरह प्रमाणित होने के बाद यह फैसला लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार नरपतगंज प्रखंड के रामघाट कोशकापुर निवासी कमलेश्वरी यादव ने अपनी जमीन से संबंधित ऑनलाइन नाम और रकवा सुधार के आवेदन के निपटारे के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए मो. इम्तियाज आलम ने 15,000 रुपये की अवैध राशि की मांग की। पीड़ित द्वारा की गई शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग ने 20 जनवरी 2026 को जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान निगरानी विभाग की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई। साथ ही संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में भी भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। विभागीय प्रक्रिया के तहत आरोपी को अपना पक्ष रखने के कई अवसर दिए गए, लेकिन वह संतोषजनक जवाब देने में विफल रहा।
समाहरणालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती और अपने भ्रष्ट आचरण से सरकारी छवि को नुकसान पहुंचाया। यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन है।
सभी साक्ष्यों और नियमों के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
