भागलपुर, जिसे बिहार की सिल्क सिटी कहा जाता है, वहां मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली लू की जगह अब बादलों की आवाजाही, पूरवा हवा और हल्की बूंदाबांदी ने ले ली है। शुक्रवार 1 मई 2026 की सुबह जिले के कई इलाकों में हुई हल्की बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। पिछले कई दिनों से तेज गर्मी झेल रहे लोगों ने राहत की सांस ली।
हालांकि यह राहत पूरी तरह सुकून देने वाली नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने अगले पांच दिनों के लिए धूल भरी आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने खासकर किसानों और बागवानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भागलपुर में मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया। गुरुवार शाम से शुरू हुई तेज हवाओं और बादलों की गर्जना के बीच जिले में 9.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसका असर तापमान पर भी साफ दिखा। अधिकतम तापमान गिरकर 28.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हवा में नमी बढ़कर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे सुबह और शाम के समय उमस महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवा पेड़ों की टहनियां तोड़ सकती है और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती है।
बीएयू सबौर और भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 5 मई तक जिले के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रहेगी। आसमान में मध्यम से घने बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है। बसंतकालीन मक्का की फसल इस समय अहम चरण में है। किसानों को खेतों में निकाई-गुड़ाई, खरपतवार हटाने और यूरिया का उपरिवेशन करने की सलाह दी गई है। साथ ही मिट्टी चढ़ाकर पौधों को मजबूत करने को कहा गया है, ताकि तेज हवाओं में फसल गिरने से बच सके।
