भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में निर्माणाधीन अडानी पावर थर्मल पावर प्लांट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के लोगों ने प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना को लेकर विरोध जताने पर उन्हें दबाव और धमकी का सामना करना पड़ रहा है।
आदिवासी समाज के लोगों का आरोप है कि पीरपैंती प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी और शेरमारी सिमानपुर पंचायत के सरपंच वरुण गोस्वामी द्वारा उन्हें धमकाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का रवैया सहयोगात्मक होने के बजाय डराने वाला है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
एक महिला ग्रामीण ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से कहा गया कि “अगर रहना है तो इसी घर में रहो, नहीं तो जहां जाना है वहां चले जाओ।” महिला ने कहा कि इस तरह की बातें सुनकर गांव के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन जनप्रतिनिधियों से जनता को सुरक्षा और न्याय की उम्मीद होती है, वही अगर दबाव और धमकी की भाषा बोलें तो आम लोगों के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है।
आदिवासी समाज के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन, घर और अधिकारों को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाए।
इधर पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण लगातार प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। हालांकि अब तक प्रशासन या संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज है और लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
अडानी पावर प्लांट को लेकर बढ़ा विवाद, आदिवासी समाज ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर लगाया धमकी देने का आरोप


