पटना: मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने ऑफ कैमरा पत्रकारों से बातचीत में अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को साफ कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी और इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा। खास तौर पर शराब की होम डिलीवरी पर आने वाले दिनों में बड़ा और कड़ा एक्शन देखने को मिलेगा।
घुसपैठियों के मुद्दे पर सीएम ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि करीब 22 लाख लोगों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों के आधार कार्ड रद्द कर दिए गए हैं और अब उन्हें बिहार छोड़ना होगा। सरकार इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। एसआईआर में जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी।
विकास के एजेंडे पर बात करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विकास की बड़ी लकीर खींची है, जिसे पार करना मुश्किल है, लेकिन उनकी सरकार कुछ नया और अलग करने की कोशिश करेगी।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी नियमित समीक्षा होगी और जरूरत पड़ने पर बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही “जनता दरबार” जैसी एक नई पहल शुरू की जाएगी, हालांकि उसका नाम अलग होगा।
राजनीतिक मोर्चे पर भी सीएम ने विपक्ष में बड़ी टूट के संकेत दिए। वहीं निशांत कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि अगर वे मंत्रिमंडल में आते हैं तो उन्हें खुशी होगी, लेकिन यह फैसला फिलहाल नीतीश कुमार के हाथ में है।
इस बीच एनडीए सहयोगी दल के विधायक द्वारा शराबबंदी खत्म करने की मांग उठाई गई है, लेकिन जेडीयू ने साफ कर दिया है कि जब तक नीतीश कुमार हैं, शराबबंदी जारी रहेगी।
