गोपालपुर प्रखंड में प्रमुख रागिनी देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह विफल हो गया। इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) निशांत कुमार द्वारा 13 अप्रैल को पंचायत समिति की विशेष बैठक बुलाई गई थी।
हालांकि, निर्धारित समय तक एक भी पंचायत समिति सदस्य बैठक में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके कारण यह प्रस्ताव स्वतः ही निरस्त हो गया। इस घटनाक्रम के बाद प्रमुख रागिनी देवी की कुर्सी सुरक्षित हो गई और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक सरगर्मी तेज थी। लेकिन बैठक में सदस्यों की अनुपस्थिति ने यह साफ संकेत दे दिया कि प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका। पंचायत समिति के किसी भी सदस्य के उपस्थित न होने के कारण नियम के तहत प्रस्ताव स्वतः समाप्त मान लिया गया।
बैठक समाप्त होने के बाद प्रमुख रागिनी देवी के आवास पर समर्थकों और पंचायत प्रतिनिधियों का जमावड़ा लग गया। इस दौरान गोपालपुर डिमाहा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह पैक्स अध्यक्ष अजय चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें माला पहनाकर बधाई दी और अपनी खुशी जाहिर की। समर्थकों ने इसे रागिनी देवी के प्रति विश्वास और उनके नेतृत्व की जीत बताया।
मौके पर उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि रागिनी देवी के कुशल नेतृत्व में गोपालपुर प्रखंड का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में विकास कार्य और भी तेज गति से आगे बढ़ेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रमुख रागिनी देवी ने भी सभी समर्थकों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे गोपालपुर प्रखंड की जनता और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की जीत है। उन्होंने आगे भी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करते रहने का भरोसा दिलाया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गोपालपुर प्रखंड की राजनीति में रागिनी देवी की स्थिति मजबूत बनी हुई है और उन्हें जनप्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त है।
