पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते दिख रहे हैं। निशांत कुमार 3 मई से अपनी ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत पश्चिम चंपारण से करने जा रहे हैं। यह यात्रा दो चरणों में आयोजित होगी, जिसका पहला चरण 3 और 4 मई को चंपारण में और दूसरा चरण 7 मई को वैशाली में होगा।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि “निशांत में नीतीश कुमार के सभी गुण मौजूद हैं और बिहार की 14 करोड़ जनता उन्हें उम्मीद की नजर से देख रही है।” उन्होंने बताया कि इस यात्रा में विधायक दल के नेता श्रवण कुमार सहित पार्टी के कई सांसद, विधायक और स्थानीय नेता भी शामिल होंगे। यात्रा के दौरान निशांत जनता से सीधे संवाद करेंगे और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर देंगे।
इस यात्रा की खास बात यह है कि ‘सद्भाव यात्रा’ नाम खुद निशांत कुमार ने ही दिया है, जिसका अर्थ है—सबको साथ लेकर चलना। यात्रा के लिए उसी वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उपयोग विधानसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार ने किया था। इससे साफ संकेत मिलता है कि निशांत अपने पिता के राजनीतिक पदचिन्हों पर चलने की कोशिश कर रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण के बगहा से होगी। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने भी अपनी कई प्रमुख यात्राओं की शुरुआत चंपारण से ही की थी, और अब निशांत भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, अभी तक निशांत कुमार ने न तो पार्टी में कोई पद लिया है और न ही सरकार में कोई जिम्मेदारी संभाली है। इस पर उमेश कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि निशांत ने फिलहाल किसी भी पद को लेने से खुद इनकार किया है। बावजूद इसके, पार्टी उनकी इस यात्रा को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
