भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु का स्लैब टूटने के बाद अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सेतु के पिलर संख्या 133 के पास का स्लैब टूटकर गंगा नदी में समा जाने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। इस घटना के बाद हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा और फिलहाल गंगा पार करने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है।
घटना के बाद प्रशासन और सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। दो दिन पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इलाके का एयर सर्वे किया था। इसके बाद पटना में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षतिग्रस्त हिस्से के पास अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण का फैसला लिया गया।
सरकार के निर्देश पर बॉर्डर रोड संगठन यानी Border Roads Organisation ने युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मौके पर भारी मशीनों और तकनीकी टीमों की मदद से तेजी से काम चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक बेली ब्रिज निर्माण का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है।
प्रशासन का दावा है कि जून के पहले सप्ताह तक बेली ब्रिज पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद छोटे वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो सकेगा, जिससे भागलपुर और नवगछिया के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे में बेली ब्रिज तैयार होने से लोगों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। फिलहाल प्रशासन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तेजी से निर्माण कार्य पूरा कराने में जुटा हुआ है।
विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद राहत की उम्मीद, जून के पहले सप्ताह तक तैयार होगा बेली ब्रिज


