गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के जिगना गांव में हुए मूक-बधिर युवक की हत्या मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड मृतक का सगा भाई ही निकला. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और पेशेवर शूटर को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले में लापरवाही बरतने पर मीरगंज थानाध्यक्ष दुर्गानंद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, 14 मई 2026 की रात करीब 10 बजे जिगना जगरनाथ टोला निवासी संतोष कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद मीरगंज थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने तीन स्थानीय युवकों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था, लेकिन बाद में वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में वे पूरी तरह निर्दोष पाए गए.
एसपी विनय तिवारी के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम ने जब मामले की गहराई से पड़ताल की तो चौंकाने वाला सच सामने आया. पुलिस के मुताबिक, जमीन और आपसी विवाद के कारण मृतक के भाई ने ही हत्या की साजिश रची थी. उसने संतोष कुमार को रास्ते से हटाने के लिए एक पेशेवर शूटर को मोटी रकम देकर हत्या कराई.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साजिशकर्ता भाई और शूटर अमित साह को गिरफ्तार कर लिया. अमित साह की निशानदेही पर उसके घर से एक देशी पिस्टल और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है. पुलिस अब अवैध हथियार के नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
एसपी विनय तिवारी ने बताया कि पहले गिरफ्तार किए गए तीनों निर्दोष युवकों की रिहाई के लिए कोर्ट में आवेदन दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिना ठोस जांच के किसी भी व्यक्ति को दबाव में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. गलत अनुसंधान, साक्ष्यों की अनदेखी और निर्दोषों को जेल भेजने के आरोप में थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
इस खुलासे के बाद इलाके में चर्चा तेज है. वहीं, पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।


