धनबाद में शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से रणधीर वर्मा चौक से धरना स्थल तक विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धनबाद अंचल अधिकारी रामप्रवेश के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके तत्काल स्थानांतरण की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान “धनबाद सीओ मुर्दाबाद” और “धनबाद सीओ हाय-हाय” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कांग्रेस जिला कमेटी द्वारा आम जनता की समस्याओं को लेकर किए गए आंदोलन के बाद धनबाद अंचल अधिकारी रामप्रवेश ने 18 कांग्रेस नेताओं पर धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई, जो उनकी तानाशाही कार्यशैली को दर्शाता है।
संतोष सिंह ने कहा कि राज्य में झामुमो और कांग्रेस गठबंधन की सरकार होने के बावजूद कुछ अधिकारी मनमानी तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद अंचल कार्यालय में आम लोगों के काम बिना रिश्वत के नहीं हो रहे हैं और लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने मांग की कि अंचल अधिकारी का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और उनके कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वहीं जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने कहा कि भूली नगर और धनबाद नगर कांग्रेस की ओर से आम जनता की समस्याओं को लेकर आंदोलन किया जा रहा था, लेकिन इसके बदले कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस अधिकार को दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई।
संवाददाता : नीतीश कुमार
धनबाद अंचल अधिकारी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, स्थानांतरण और जांच की मांग


