केंद्र सरकार की ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था और कॉरपोरेट कंपनियों को बढ़ावा देने के विरोध में बुधवार को देशभर के दवा दुकानदार एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। इसका असर बोकारो जिले में भी देखने को मिला, जहां जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर करीब 980 मेडिकल दुकानों को बंद रखा गया। दवा दुकानों के बंद रहने से जिले में करोड़ों रुपए के कारोबार पर असर पड़ा।
बोकारो जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा दुकानदारों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के लक्ष्मी मार्केट में संगठन के पदाधिकारियों और दवा कारोबारियों ने धरना देकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
संगठन के सचिव सुजीत चौधरी ने बताया कि ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स यानी AIOCD के आह्वान पर यह देशव्यापी हड़ताल की गई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था के कारण छोटे और मध्यम स्तर के दवा दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही बाजार में नकली दवाओं की एंट्री भी बढ़ी है, जिससे आम लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने बताया कि बोकारो जिले में करीब 980 मेडिकल दुकानों को बंद रखा गया, जिससे लगभग 5 से 6 करोड़ रुपए के कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान है। संगठन का कहना है कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आने वाले दिनों में AIOCD के निर्देश पर और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
हड़ताल के दौरान दवा दुकानदारों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, स्थानीय दवा कारोबारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कॉरपोरेट कंपनियों को दी जा रही छूट पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।
संवाददाता: चंदन सिंह, बोकारो


