सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड में प्रशासनिक उदासीनता से परेशान एक महादलित परिवार न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंग लोग उन्हें अपनी ही जमीन पर घर बनाने से रोक रहे हैं, लेकिन कई आवेदन देने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब थक-हारकर पीड़ित ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
सौरबाजार प्रखंड के वार्ड नंबर 06 निवासी विष्णुदेव पासवान ने प्रमंडलीय आयुक्त को आवेदन देकर गांव के कुछ दबंग लोगों पर प्रताड़ित करने, जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उनके पास बिहार सरकार द्वारा आवंटित वासगीत पर्चा की जमीन है, जिसकी रसीद भी उनके नाम से कट रही है। इसके बावजूद गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोग उन्हें घर बनाने और मरम्मत कार्य करने से रोक रहे हैं।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने घर का काम शुरू करते हैं, आरोपी पक्ष हथियार लेकर पहुंच जाता है और गाली-गलौज करने लगता है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2015 में भी उनके घर में आग लगा दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने अंचल कार्यालय के समक्ष धरना दिया था, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।
विष्णुदेव पासवान का कहना है कि उन्होंने कई बार अंचल अधिकारी और सौरबाजार थाना में लिखित शिकायत दी, लेकिन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब न्याय नहीं मिलने से आहत होकर उन्होंने 20 मई 2026 से आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
पीड़ित ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा और उनकी जमीन पर घर बनाने की अनुमति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सहरसा जिले में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ महादलित परिवार का आमरण अनशन, न्याय की लगाई गुहार


