डिजिटल इंडिया के इस दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां सुविधाओं को आसान बना रहा है, वहीं इसका दुरुपयोग आम लोगों की वित्तीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देश के शीर्ष नेताओं—नरेंद्र मोदी, निर्मला सतारमण और —राजनाथ सिंह नाम पर कई ‘डीपफेक’ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में उन्हें कथित निवेश योजनाओं का प्रचार करते हुए दिखाया गया है।
सरकार की press Information Bureau(PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने इन वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इन डीपफेक वीडियो को इतनी बारीकी से एडिट किया गया है कि नेताओं की आवाज और होंठों की गतिविधि (लिप-सिंकिंग) बिल्कुल असली जैसी लगती है, जिससे आम लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं।
इन वीडियो में बेहद लुभावने और अवास्तविक दावे किए जा रहे हैं। एक वीडियो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ₹22,000 के निवेश पर हर महीने ₹30 लाख की गारंटीड आय का दावा करते दिखाया गया है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर ₹22,000 जमा कर ₹15 लाख मासिक कमाई का झांसा दिया जा रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से भी एक कथित सरकारी योजना के तहत ₹22,000 निवेश कर ₹3.5 लाख प्रति माह कमाने का दावा किया जा रहा है।
PIB ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार ने ऐसी किसी भी निवेश योजना को मंजूरी नहीं दी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ठग इन डीपफेक वीडियो के जरिए लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी चोरी की जा सके।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें और संदिग्ध लिंक या ऑफर से दूर रहें।
