सहरसा। व्यवहार न्यायालय परिसर, सहरसा में बुधवार शाम कथित फर्जी वकालतनामा और बेलबॉन्ड की बिक्री का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। अधिवक्ताओं ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 58 बेलबॉन्ड और 22 वकालतनामा बरामद किए गए हैं। जिला विधिज्ञ संघ ने बरामद दस्तावेजों को प्रथम दृष्टया कथित तौर पर जाली बताया है।
जिला विधिज्ञ संघ के कोषाध्यक्ष मो. हुसैन अहमद के अनुसार, संघ को सूचना मिली थी कि उसके नाम से जारी होने वाले वकालतनामा और बेलबॉन्ड को कथित रूप से फर्जी तरीके से छपवाकर न्यायालय परिसर में बेचा जा रहा है। सूचना के बाद अधिवक्ताओं ने निगरानी शुरू की। इसी दौरान अधिवक्ता उपेंद्र झा के टेबल के पास एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पकड़ लिया गया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम ज्योतिष कुमार झा बताया और खुद को मुंशी के तौर पर काम करने वाला बताया। उसके बैग की तलाशी लेने पर बड़ी संख्या में बेलबॉन्ड और वकालतनामा बरामद हुए। संघ के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह बुधवार सुबह से ही न्यायालय परिसर में इन दस्तावेजों की बिक्री कर रहा था। वकालतनामा 200 रुपये और बेलबॉन्ड 70 रुपये में बेचने की बात सामने आई है।
संघ के कोषाध्यक्ष ने आशंका जताई कि यदि लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों की बिक्री हो रही थी तो इससे संघ को राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ हो सकता है। उन्होंने मामले में किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की आशंका जताते हुए पुलिस से गहन जांच की मांग की है।
बताया गया कि न्यायालय परिसर में प्रतिदिन करीब 60 से 70 हजार रुपये मूल्य के वकालतनामा और बेलबॉन्ड की बिक्री होती है। ऐसे में कथित फर्जी दस्तावेज कितने समय से बिक रहे थे और इससे कितना आर्थिक नुकसान हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। अस्पताल चौकी प्रभारी गुंजन कुमार ने बताया कि युवक को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित दस्तावेज कहां तैयार किए गए और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।






