भागलपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है। जिले के अनुदेशकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भागलपुर विधायक रोहित पांडे से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात का समय दिलाने की मांग की, ताकि वे अपनी मांगों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकें।
अनुदेशकों ने बताया कि वर्ष 2022 में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के समय उन्हें महज 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। इसके बाद मानदेय बढ़ाने और सेवा से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर अनुदेशकों ने लगातार आंदोलन किया। धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा।
अनुदेशकों के मुताबिक, चुनाव के दौरान उनके मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए इसे 16 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी मांग अभी भी लंबित है। अनुदेशकों का कहना है कि उन्हें पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है और वे अब भी विद्यालयों में अंशकालिक रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अनुदेशकों ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों को संचालित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद लंबे समय से उन्हें पूर्णकालिक करने की मांग पर निर्णय नहीं लिया गया है।
विधायक रोहित पांडे ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुदेशकों की मुलाकात कराने के लिए प्रयास करने की बात भी कही।
अब अनुदेशकों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनकी वर्षों पुरानी पूर्णकालिक सेवा की मांग पर सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी।






