पटना: बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, सोन समेत कई नदियों के उफान पर होने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार राज्य के 13 जिलों में 52 प्रखंडों की 270 पंचायतों की करीब 28 लाख आबादी प्रभावित हुई है। हालांकि, आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों में प्रभावित आबादी करीब 8 लाख बताई गई है।
पटना, भोजपुर, सारण, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, जहानाबाद, अरवल, रोहतास, नालंदा, कैमूर, दरभंगा और पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार 200 से अधिक सड़कों पर पानी चढ़ गया है, जबकि 60 से ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
पटना में दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
गंगा के बढ़ते जलस्तर से पटना के नौ प्रखंडों में 2.32 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की ओर से 693 नावें चलाई जा रही हैं। सामुदायिक रसोई के जरिए प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, 7107 पॉलीथीन शीट और 1764 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
भोजपुर और बेगूसराय में स्कूल बंद
भोजपुर के छह प्रखंडों की 45 पंचायतें जलमग्न हैं और करीब दो लाख लोग प्रभावित हैं। दो हजार एकड़ से अधिक धान की फसल डूब गई है। 25 सड़कों पर आवागमन बाधित है और 60 से अधिक स्कूल बंद किए गए हैं। बेगूसराय में भी करीब दो लाख आबादी प्रभावित है और 60 से अधिक स्कूलों में पढ़ाई बंद है।
भागलपुर में विश्वविद्यालय और मंदिर परिसर में पानी
भागलपुर शहर में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग परिसर में पानी फैल गया है। कई हॉस्टल बंद किए गए हैं। वहीं, सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ मंदिर परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा समेत कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। हालांकि, जलस्तर में आने वाले दिनों में कमी की संभावना भी जताई गई है।





