मदरौनी में कोसी का कहर: मुख्य सड़क पर 5 फीट से ज्यादा पानी, छतों पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण

 

 

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भागलपुर/नवगछिया: नवगछिया के मदरौनी पंचायत में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले करीब 14 दिनों से कोसी का पानी गांव के बीचोंबीच बह रहा है और अब हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि गांव की मुख्य सड़क भी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। सड़क पर पांच फीट से अधिक पानी बह रहा है और तेज धार के कारण लोगों का आवागमन पूरी तरह जोखिम भरा हो गया है।

 

ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क पर बह रही लहरों में इतना तेज करंट है कि यदि कोई व्यक्ति पानी के बीच चला जाए तो उसके बह जाने का खतरा है। पानी की तेज धार को देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव के कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। ऐसे में लोग अपने घरों से निकलकर छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

 

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि अब तक सरकारी नाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी डेंगी से भी बाहर निकलना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि तेज धार में डेंगी के बह जाने का खतरा बना हुआ है। आपात स्थिति में गांव के लोगों के सामने सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष भी बाढ़ के दौरान मदरौनी में ऐसी ही भयावह स्थिति बनी थी। उस दौरान कई लोगों को सरकारी मदद का लाभ नहीं मिल सका था। इस वर्ष एक बार फिर बाढ़ ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

 

हालांकि संकट की इस घड़ी में पंचायत के लोगों के लिए समाजसेवी सुजीत कुमार सिंह मददगार बनकर सामने आए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वे लगातार निस्वार्थ भाव से लोगों की सहायता कर रहे हैं। सड़क की मरम्मत कराने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

बाढ़ के पानी से बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए सुजीत कुमार सिंह की ओर से फॉगिंग और दवाओं की व्यवस्था भी कराई जा रही है। ग्रामीणों की जरूरत के अनुसार हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।

 

फिलहाल मदरौनी में कोसी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द नाव की पर्याप्त व्यवस्था करे और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री व स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएं।

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