कटिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। ई-शिक्षा कोश पोर्टल की समीक्षा में ऐसा मामला सामने आया है, जहां स्कूल में मौजूद नहीं रहने के बावजूद शिक्षकों ने डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जिला स्तर पर पिछले महीने की डिजिटल उपस्थिति और लोकेशन की समीक्षा की गई। इस दौरान 21 ऐसे शिक्षकों को चिन्हित किया गया, जिनकी हाजिरी उनके पदस्थापित विद्यालय में मौजूदगी के बिना दर्ज पाई गई। हैरानी की बात यह है कि इनमें कुछ शिक्षकों की लोकेशन हाजिरी दर्ज करने के समय कटिहार जिले से बाहर, दूसरे जिले या यहां तक कि दूसरे राज्य में भी पाई गई।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों से जवाब-तलब किया है। करीब 21 विद्यालयों के 21 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर स्कूल से बाहर रहते हुए डिजिटल अटेंडेंस कैसे दर्ज हुई।
दरअसल, डिजिटल व्यवस्था का नियम है कि शिक्षक विद्यालय परिसर में मौजूद रहकर ही अपनी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करें। इसका मकसद शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाना है। लेकिन कटिहार में सामने आई यह गड़बड़ी व्यवस्था की निगरानी और सत्यापन पर सवाल खड़े करती है।
कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। शिक्षकों को निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचने और विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद ही निकलने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जो शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं रहने के बावजूद उपस्थिति दर्ज करते पाए गए हैं, उनसे जवाब मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि डिजिटल अटेंडेंस जैसी व्यवस्था में ऐसी गड़बड़ी आखिर कैसे हुई? विभाग की जांच से ही साफ होगा कि इसके पीछे तकनीकी खामी थी या जानबूझकर सिस्टम का दुरुपयोग किया गया।





