पटना: केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) के संरक्षक एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर सामने आई है। उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उनकी पार्टी ने उनकी हालत को लेकर किसी भी तरह की चिंता से इनकार किया है।
जानकारी के मुताबिक, जीतन राम मांझी मोतिहारी में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने असहज महसूस किया। बताया जा रहा है कि वह वायरल फीवर से पीड़ित हैं और उनका शुगर लेवल भी बढ़ गया था। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज और जांच के लिए पटना लाया गया, जहां उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पार्टी ने बताया रूटीन चेकअप:
वहीं, हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने मांझी की तबीयत को लेकर सामने आ रही खबरों को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी की तबीयत बिल्कुल ठीक है और उन्हें निजी अस्पताल में सामान्य रूटीन चेकअप के लिए भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की ओर से उनकी आवश्यक जांच की जा रही है और रिपोर्ट सामान्य है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक खबर पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
मीडिया सलाहकार ने भी दी जानकारी:
मांझी के मीडिया सलाहकार दानिश रिजवान ने बताया कि वायरल फीवर के कारण कार्यक्रम के दौरान वह असहज महसूस कर रहे थे। साथ ही उनका शुगर लेवल भी बढ़ा हुआ था। इसी वजह से उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल मांझी की तबीयत अच्छी है।
मांझी का हाल जानने के लिए नेता श्याम रजक भी अस्पताल पहुंचे। वहीं, पार्टी के कई कार्यकर्ता भी अस्पताल में मौजूद दिखाई दिए।
आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा में हैं मांझी:
इस बीच जीतन राम मांझी पिछले कुछ दिनों से आरक्षण के मुद्दे को लेकर भी राजनीतिक चर्चा में हैं। उन्होंने आरक्षण के भीतर पिछड़ी जातियों को अलग से आरक्षण दिए जाने की मांग की थी। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ बयानबाजी भी देखने को मिली। मांझी के बेटे संतोष सुमन ने भी आरक्षण की समीक्षा की बात को आरक्षण खत्म करने की मांग से अलग बताया था।
फिलहाल मांझी चिकित्सकों की निगरानी में हैं और पार्टी के मुताबिक उनकी स्थिति सामान्य है।





