गोपालगंज में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही जगदीश गांव में शौचालय की सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग खोलने उतरे चार मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टंकी काफी समय से बंद थी, जिसके अंदर जहरीली और दमघोंटू गैस जमा हो गई थी। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रेशमा खातून के मकान में शौचालय की टंकी का निर्माण चल रहा था। ढलाई के बाद लकड़ी और बांस की सेंटरिंग हटाने के लिए मजदूर बंटी टंकी के अंदर उतरा। काफी देर तक उसके बाहर नहीं आने पर उसे देखने के लिए तीन अन्य मजदूर भी एक-एक कर अंदर चले गए। जहरीली गैस की चपेट में आने से चारों बेहोश हो गए।
इस दौरान सेराज नाम का एक अन्य मजदूर भी अंदर जाने लगा, लेकिन गैस का असर महसूस होते ही दूसरे मजदूरों ने उसे बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद टंकी की दीवार तोड़कर और सीढ़ी के सहारे चारों मजदूरों को बाहर निकाला। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे में उमेश यादव, जावेद आलम, राकेश बैठा और सब्बे आलम की मौत हुई है। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि राकेश बैठा अपने भाई धनेश को बचाने की कोशिश में टंकी के अंदर उतरा था। भाई के खतरे में होने की सूचना मिलते ही राकेश मौके पर पहुंचा, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर उसकी भी जान चली गई।
मृतक सब्बे आलम के नाना इस्लाम अंसारी ने बताया कि उन्होंने अपने नाती को बचपन से पाल-पोसकर बड़ा किया था और वही उनके बुढ़ापे का सहारा था। अब उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
घटना की सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। जिलाधिकारी के निर्देश पर हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं। हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है और फिलहाल स्थिति सामान्य है।






