गया: बिहार के गया जिले के इमामगंज की बेटी नूर आयशा खान ने देश के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI सूर्यकांत को राखी बांधकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इमामगंज के कोठी थाना क्षेत्र की रहने वाली नूर आयशा के लिए यह पल बेहद खास रहा। पहली बार क्षेत्र की किसी बेटी को देश की सबसे बड़ी अदालत के मुख्य न्यायाधीश की कलाई पर राखी बांधने का अवसर मिला है। इस उपलब्धि से नूर के परिवार के साथ-साथ पूरा इलाका गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
नूर आयशा ने CJI सूर्यकांत को राखी बांधने के अनुभव को अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। दरअसल, नूर दिल्ली के आरके पुरम स्थित DPS स्कूल में पढ़ाई करती हैं। स्कूल की ओर से ही उनका चयन मुख्य न्यायाधीश को राखी बांधने के लिए किया गया था। आधिकारिक आमंत्रण पर नूर को CJI से मिलने का अवसर मिला, जहां उन्होंने उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान उन्हें न्यायाधीश की ओर से उपहार भी मिला।
नूर आयशा के पिता रियासत नवाज खान उर्फ छोटन खान क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जबकि उनकी मां महरे अंगेज खानम बिकोपुर पंचायत की मुखिया हैं। पिता ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले परिवार के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि उनकी बेटी को देश के मुख्य न्यायाधीश से मिलने और उन्हें राखी बांधने का अवसर मिला।
वहीं, नूर की मां ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है। बेहतर शिक्षा के लिए उसे दिल्ली में पढ़ाया जा रहा है। परिवार को उम्मीद है कि नूर आगे चलकर देश की सेवा में अपना नाम रोशन करेगी।
नूर आयशा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि गया के इमामगंज क्षेत्र को भी गर्व करने का मौका दिया है।








